PVR-INOX Leisure : पीवीआर-आईनॉक्स लीजर का विलय; 1500 स्क्रीन के साथ यह देश की सबसे बड़ी मल्टीप्लेक्स चेन होगी

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PVR-INOX Leisure : पीवीआर-आईनॉक्स लीजर का विलय; 1500 स्क्रीन के साथ यह देश की सबसे बड़ी मल्टीप्लेक्स चेन होगी
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PVR-INOX Leisure :पीवीआर देश की सबसे बड़ी मल्टीप्लेक्स चेन है, जिसके पूरे देश में कुल 860 स्क्रीन हैं। वहीं, आईनॉक्स लीजर में कुल 667 स्क्रीन हैं। सिनेपोलिस में कुल 400 स्क्रीन हैं।

27 मार्च: देश की दो सबसे बड़ी मल्टीप्लेक्स चेन, पीवीआर और आईनॉक्स लीजर का विलय हो गया है। इस प्रस्ताव को दोनों कंपनियों के निदेशक मंडल ने मंजूरी दे दी है। नियामकीय आंकड़ों में कहा गया है कि विलय के बाद देश में 1,500 स्क्रीन वाली सबसे बड़ी मल्टीप्लेक्स श्रृंखला अस्तित्व में आएगी।

नियामक सूत्रों के अनुसार, पीवीआर के सीएमडी अजय बिजली को संयुक्त उद्यम के एमडी के रूप में नियुक्त किया जाएगा और संजीव कुमार कार्यकारी निदेशक के रूप में कार्यभार संभालेंगे।आईनॉक्स समूह के अध्यक्ष पवन कुमार जैन बोर्ड के गैर-कार्यकारी अध्यक्ष होंगे। 

सिद्धार्थ जैन संयुक्त उद्यम में गैर-कार्यकारी गैर-स्वतंत्र निदेशक के रूप में काम करेंगे।पीवीआर देश की सबसे बड़ी मल्टीप्लेक्स चेन है, जिसके पूरे देश में कुल 860 स्क्रीन हैं। वहीं, आईनॉक्स लीजर में कुल 667 स्क्रीन हैं। सिनेपोलिस में कुल 400 स्क्रीन हैं। कंपनी का मुख्यालय मेक्सिको में है।

PVR-INOX Leisure : किस कंपनी पर कितना कर्ज है?

31 दिसंबर, 2021 तक पीवीआर का कुल कर्ज 1,536 करोड़ रुपये और नकद 678 करोड़ रुपये था। वित्त वर्ष 2020 में कंपनी की कमाई में भारी गिरावट आई है। इस दौरान पीवीआर का राजस्व 3,452 करोड़ रुपये से बढ़कर 310 करोड़ रुपये हो गया। कोरोना संक्रमण से कंपनी को भारी नुकसान हुआ है।

पीवीआर और आईनॉक्स लीजर के विलय से कंपनी काफी बड़ी हो जाएगी। इसका मार्केट कैप करीब 16,000 करोड़ रुपये हो सकता है। शुक्रवार को आईनॉक्स लीजर का शेयर 6 फीसदी की तेजी के साथ 470 प्रति शेयर पर बंद हुआ। इसका मार्केट कैप 5,700 करोड़ रुपये था। वहीं पीवीआर का शेयर 1.55 फीसदी की तेजी के साथ 1,804 रुपये पर बंद हुआ। इसका मार्केट कैप 11,100 करोड़ रुपये पर बंद हुआ।

कोरोनावायरस संक्रमण के दौरान कई महीनों से थिएटर बंद था। इसलिए दोनों कंपनियों को भारी नुकसान हुआ। यह दोनों कंपनियों के विलय का मुख्य कारण है। ओटीटी प्लेटफॉर्म से तीव्र प्रतिस्पर्धा ने थिएटर व्यवसाय को कड़ी टक्कर दी है। इस विलय का मतलब है कि पीवीआर और सिनेपोलिस का विलय कुछ समय के लिए टाला जा सकता है।

 

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