ट्रेन यात्रियों के लिए बड़ा ख़तरा यात्रियों का डेटा बेचेगी IRCTC

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नई दिल्ली । ऑनलाइन ट्रेन टिकट बुक करने के लिए आईआरसीटीसी पोर्टल का इस्तेमाल करने वालों के लिए बड़ी खुशखबरी। आईआरसीटीसी अब अपने राजस्व को बढ़ाने के लिए अपने उपयोगकर्ताओं के डेटा को बेचने की योजना बना रहा है और इसके लिए एक निविदा भी जारी की है।

डिजिटलाइजेशन के दौर में जहां एक तरफ भारत सरकार डेटा प्राइवेसी और प्राइवेसी की बात कर रही है, वहीं दूसरी तरफ इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (आईआरसीटीसी) ने यूजर्स की जानकारी रुपये में बेची है। 1000 करोड़ केमिस्ट्री की तलाश में है,

जो यूजर्स की सुरक्षा की कीमत पर पैसा बनाने की सरकार की मंशा को उजागर करती है। कंपनी ने इच्छुक कंपनियों – पार्टियों से 29 अगस्त 2022 तक बोलियां आमंत्रित की हैं। आईआरसीटीसी का स्वामित्व रेल मंत्रालय के पास है और यह शेयर बाजार में सूचीबद्ध कंपनी है।

प्राप्त मीडिया रिपोर्ट के अनुसार आईआरसीटीसी अब डेटा मुद्रीकरण करने जा रहा है। जिसके तहत अब आईआरसीटीसी की वेबसाइट अपने यूजर्स का डेटा बेचेगी- जिसमें यूजर्स के नाम, ईमेल, मोबाइल नंबर, बैंक ट्रांजैक्शन, ट्रैवल जैसी अहम जानकारियां शामिल हो सकती हैं।

सूत्रों के मुताबिक इस टेंडर के तहत अन्य कंपनियां या एजेंसियां ​​आईआरसीटीसी यूजर्स की जानकारी हासिल कर सकेंगी। डेटा मुद्रीकरण करते समय उपयोगकर्ताओं की वित्तीय जानकारी की गोपनीयता को ध्यान में रखा जाएगा।

सूत्रों ने कहा कि डेटा मॉनेटाइजेशन के तहत यूजर्स के बैंक और ट्रांजैक्शन डिटेल्स को शेयर नहीं किया जा सकता है। साथ ही, आधार नंबर, पैन कार्ड, एटीएम-डेबिट और क्रेडिट कार्ड जैसे वित्तीय लेनदेन विवरण किसी के साथ साझा नहीं किए जाएंगे।

आईआरसीटीसी  का सबसे बड़ा डेटाबेस

वर्तमान में, अधिकांश ट्रेन आरक्षण टिकट आईआरसीटीसी के माध्यम से बुक किए जाते हैं। भारत में हर दिन लाखों लोग ट्रेन से यात्रा करते हैं, आईआरसीटीसी के पास उपयोगकर्ताओं का डेटाबेस शायद भारत में किसी भी कंपनी के पास सबसे बड़ा डेटाबेस है। यह डेटा मुख्य रूप से होटल उद्योगों, ट्रैवल एजेंसियों और फार्मा कंपनियों के लिए फायदेमंद हो सकता है।

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